दाद (Ringworm)


दाद होने का कारण:-

दाद शरीर की त्वचा पर एक विशेष प्रकार के कीटाणु की उत्पत्ति के कारण होता है।
दाद रोग शरीर की ठीक प्रकार से सफाई न करने के कारण होता है।
शरीर का कोई अंग अधिक पानी में भीगने लगता है तो यह रोग उस व्यक्ति को हो जाता है।
दाद का रोग एक प्रकार का तेज संक्रामक रोग है। इसलिए जिस व्यक्ति को यह रोग हो गया हो, उसके तौलियों ब्रशों तथा और भी ऐसी चीजें जिन्हें वह व्यक्ति उपयोग करता है, उन चीजों को यदि कोई अन्य व्यक्ति उपयोग करता है तो यह रोग उस दूसरे व्यक्ति को भी हो जाता है।

दाद होने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार :-

दाद रोग से पीड़ित रोगी को इस रोग का उपचार करने के लिए सबसे पहले दाद वाले भाग पर थोड़ी देर गर्म तथा थोड़ी देर ठंडी सिंकाई करके, उस पर गीली मिट्टी का लेप करना चाहिए। इससे दाद जल्दी ही ठीक हो जाता है।

रोगी व्यक्ति के दाद वाले भाग को आधे घण्टे तक गर्म पानी में डुबोकर रखना चाहिए तथा इसके बाद उस पर गर्म गीली मिट्टी की पट्टी लगानी चाहिए इसके फलस्वरूप दाद कुछ ही समय में ठीक हो जाता है।

यदि दाद से बहुत अधिक दूषित द्रव्य निकल रहा हो तो दाद वाले भाग को गुनगुने पानी में कम से कम तीन बार डुबोना चाहिए और इसके बाद उस पर गर्म और ठंडी सिंकाई करनी चाहिए। रोगी व्यक्ति को प्रतिदिन रात को सोने से पहले दाद वाले स्थान पर गर्म गीली मिट्टी की पट्टी लगानी चाहिए 


रोगी व्यक्ति को नींबू का रस पानी में मिलाकर प्रतिदिन कम से कम 5 बार पीना चाहिए और भोजन सादा करना चाहिए।